
इश्की ने आहान को गुस्से से देखा और कहा, "तुम अपनी शरारतों से बाज नहीं आओगे , बेवड़े आदमी मैं तुम्हारी शरारतों को बर्दाश्त नहीं कर सकती।"
आहान इश्की को देखते हुए बोला, "मैं तुम्हारी शरारतों को भी बर्दाश्त कर सकता हूँ, इश्की। तुम्हारा गुस्से वाला चेहरा मुझे बहुत पसंद हैं।"







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