लेकिन जैसे ही उसने जानी पहचानी आवाज सुनी तो वह तुरंत पीछे पलट गई, और ध्रुव को ऊपर से लेकर नीचे तक शॉक्ड होकर देखने लगी। उसे अपनी आंखों पर यकीन नहीं हो पा रहा था, उसने अपनी आंखें फिर से बंद की और फिर से खोली तो ध्रुव का हैंडसम सा फेस उसके सामने था, नीता को नशा चढ़ने लगा था इस वजह से वह ध्रुव के पास गई और शिकायत करते हुए बोली " देखो ना मुझे कुछ अच्छा महसूस नहीं हो रहा मुझे गर्मी लग रही है और कपड़े उतार ने का मन कर रहा है उतार दू मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा तु.. तुम आ गए ना मुझे तुम चाहिए हो अभी इतना कहकर नीता ने ध्रुव का हाथ कसकर पकड़ लिया जैसे की ध्रुव भाग जाएगा और उसे बेड की तरफ लेकर आ गई।
अब आगे _






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