
थोड़ी देर बाद रोशनी के सामने अर्णव ने अपना हाथ बढ़ाया और रोशनी उसे देखते हुए सोचने लगी लेकिन फिर उसने अपना हाथ अर्णव के हाथ में दिया अर्णव ने उसे अपने लैंप पर बिठा लिया और उसके चेहरे पर जो बाल थे उसे साइड करते हुए उसे अपने हाथों से खिलाने लगा रोशनी अर्णव को पहली बार इतने करीब से देख रही थी, उसका दिल तो जैसे मानो अंदर से उछल कर बाहर आकर पकड़म पकड़ाई खेलने लग जाता इतने तेजी से रोशनी का दिल धड़क रहा था और इसकी आवाज अर्णव को भी आ रही थी।।







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